प्रभात खबर ने बीते माह अपनी यात्रा के 30 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किये हैं. इस यात्रा में प्रभात खबर ने हमेशा अपने पाठकों की जरूरतों व हितों को सर्वोपरि स्थान दिया है. पाठकों से जीवंत संवाद बनाये रखना प्रभात खबर की विशेषता रही है.

हम चाहते हैं कि यह एक्सरसाइज सिर्फ 4000 पाठकों तक सीमित न रहे बल्कि प्रभात खबर का हर पाठक इससे जुड़े. इस एक्सरसाइज के जरिये हम अपने सभी पाठकों के दिल व दिमाग को समझना चाहते हैं - किस तरह की खबरें और किस स्वरूप में, किस तरह की सामग्री की और जरूरत महसूस होती है आदि.

आपकी जो राय मिलेगी, जो सुझाव मिलेंगे, प्रभात खबर उनके हिसाब से अपने को बदलने की कोशिश करेगा. प्रभात खबर की यह एक्सरसाइज मार्केटिंग व ब्रांडिंग का हथकंडा नहीं है बल्किअपने पाठकों की रुचियों, जरूरतों व आकांक्षाओं को समझ कर अखबार को तदनुसार बनाने की विशुद्ध संपादकीय पहल है.